देश-विदेश में 26 लाख से ज़्यादा श्रद्धालुओं ने चार धाम यात्रा के लिए पंजीकरण कराया है; उत्तराखंड के सीएम ने व्यवस्थाओं की समीक्षा की और मंदिरों के पास वीडियो/रील शूट करने पर रोक लगाई गई है।
उत्तराखंड सरकार ने गुरुवार को चार धाम मंदिरों में वीआईपी दर्शन की अनुमति नहीं देने का फैसला किया और तीर्थयात्रियों की बढ़ती संख्या के बीच मंदिरों के 50 मीटर के दायरे में वीडियोग्राफी और सोशल मीडिया रील बनाने पर प्रतिबंध लगा दिया।
सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के अपने समकक्षों को लिखे पत्र में मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कहा, “मैं यह बताना चाहती हूं कि इस वर्ष उत्तराखंड में पवित्र चार धाम की यात्रा करने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। बेहतर प्रबंधन के लिए हमने 31 मई, 2024 तक कोई भी ‘वीआईपी दर्शन’ नहीं करने का फैसला किया है।”
“चारधाम यात्रा सुचारु रूप से संचालित की जा रही है। तीर्थयात्रियों को व्यवस्थित दर्शन कराने के लिए व्यवस्थाएं की गई हैं, किन्तु वर्तमान में यह देखने में आया है कि मंदिर परिसर में वीडियोग्राफी/सोशल मीडिया के लिए रील बनाई जा रही हैं, जिससे एक स्थान पर भीड़ एकत्र हो रही है, तथा श्रद्धालुओं को असुविधा हो रही है। अतः श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मंदिर प्रांगण में दर्शन हेतु व्यवस्थाएं की जा रही हैं।”
पत्र में आगे कहा गया है कि श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए चार धाम में मंदिर परिसर के 50 मीटर के दायरे में सोशल मीडिया के लिए वीडियोग्राफी/रील बनाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है।