चार दिन तक बच्ची ऐसे ही देवी मंदिर में भटकती रही लेकिन इसकी सूचना ना तो मंदिर कमेटी ने और ना ही वहां पर गस्त करने वाली पुलिस ने उसे पर ध्यान दिया।
यह तो शुक्र अंसल निवासी एक महिला ने उस रोता बिलकता देख लिया इसके बाद महिला उसको अपने साथ ले गई। और नारी तू नारायणी उत्थान समिति की अध्यक्ष सविता आर्य को कॉल कर इस पूरे मामले की सूचना दी। सूचना मिलते ही समाजसेवी सविता आर्य मौके पर पहुंची और बच्ची को अपने साथ लेकर काफी मशक्कत करने के बाद बच्ची की नानी के घर का पता चल पाया। जिसके बाद उन्होंने शिकायत तहसील कैंप पुलिस थाने में दी वहीं फिलहाल इस पूरे मामले को लेकर सविता आर्य का कहना है कि पुलिस का काफी ढीला रवैया था वह बच्ची के बारे में पुलिस को फोन पर लगातार सूचना दे रही थी। लेकिन पुलिस वाले मौके पर नहीं पहुंचे इसके बाद वह बच्ची को लेकर थाने पहुंची। वही बच्ची ने बाल कल्याण समिति के सामने जानकारी देते हुए बताया।
कि वह एलकेजी में पढ़ती है उसकी मां उसकी पिटाई भी करती है यहां बच्ची को उसकी नानी से मिलने के बाद समिति के सदस्य उसे तहसील कैंप पुलिस थाना में ले गए बाल कल्याण समिति के सम्मुख बच्ची के बयान दर्ज करने के बाद उसे एकता विहार स्थित सृष्टि होम में भेज दिया गया है और बच्ची की काउंसलिंग की जाएगी इसके बाद मामले में आगामी कार्रवाई की जाएगी।।
यहां यह भी उल्लेख करना जरूरी है कि छोटे-छोटे बच्चे काफी संख्या में पानीपत से गायब हो रहे हैं। अगर बच्ची के साथ कुछ अप्रिया घटना हो जाती तो इसका कौन जिम्मेदार होता।। यह तो अंसल मैं रहने वाली महिला की बड़ी समझदारी है कि उन्होंने बच्ची को अपने साथ अपने घर ले गई और फिर इस पूरे मामले की जानकारी समाज सेविका सविता आर्य को दी। जो छोटी बच्चियों के लिए हमेशा तत्पर रहती है।