100 साल बाद होली और चंद्र ग्रहण एक साथ, होली पर्व को लेकर सज गए बाजार

admin

जींद : होली का पर्व नजदीक आते ही बाजार पूरी तरह से रंगों और पिचकारियों से सज गए हैं। बाजारों में भी दुकानों पर गुलाल और पिचकारी के साथ अन्य सामानों की खरीदारी के लिए भीड़ लगने लगी है। जिसके चलते व्यापारी उम्मीद कर रहे हैं कि होली पर अच्छा कारोबार होगा। इस बार होलिका दहन 24 मार्च रविवार को रात 10:28 बजे के बाद मनाया जाएगा। वैदिक पंचांग के मुताबिक फाल्गुन पूर्णिमा 24 मार्च को सुबह 9:54 बजे से शुरू होकर 25 मार्च को दोपहर 12:29 बजे तक रहेगी। ऐसे में होलिका दहन 24 मार्च को मनाया जाएगा। इसके साथ ही रंगों वाली होली 25 मार्च को खेली जाएगी। होलिका दहन का शुभ मुहूर्त रात 11:13 बजे से 12:27 बजे तक रहेगा। यानी के इस बार होलिका दहन के लिए कुल 1 घंटा 14 मिनट का समय मिलेगा। होलिका दहन बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। कहा जाता है कि इससे समृद्धि और खुशियां आती हैं और सभी नकारात्मकता और बीमारियां नष्ट हो जाती हैं।

इलेक्ट्रिक पिचकारी बनी पहली पसंद

होली के रंग में बाजार भी रंगे हुए नजर आने लगे हैं। बाजार में रंग बिरंगे गुलाल और पिचकारी के अलावा हार और मेवा से दुकानें सजी हुई हैं। बच्चे अभी से होली के मूड में आ गए हैं और होली खेल भी रहे हैं। गुलाल, रंग और पिचकारी के विक्रेता ने बताया कि कई तरह रंगों और पिचकारी की वैरायटी बाजार में उपलब्ध हैं। इस बार बाजार में अलग-अलग तरह की पिचकारी गुब्बारे और अन्य आकर्षक आइटम आए हैं। इस बाद इलेक्ट्रिक पिचकारी बच्चों की पहली पसंद बनी हुई है। जिसकी कीमत 500 से 600 रुपये है। वहीं साधारण पिचकारी 40 से 70 रुपये के बीच है। पाइप वाली पिचकारी बाजार में 50 से 200 रुपये में बिक रही है। जबकि टैंक वाली पिचकारी 200 से 400 रुपये में बिक रही है। इसके अलावा होली पर्व पर अगर गिफ्ट देना है तो उसके लिए स्पेशल हैम्पर भी बाजार में उपलब्ध है। जिसमें रंग, गुब्बारे के साथ अन्य सामान उपलब्ध है। इसकी कीमत 500 से 2000 के बीच है। वहीं फ्रूट शॉट 120 से 190 रुपये में बिक रहा है। वहीं दो किलोग्राम रंग के सिलेंडर की कीमत 700 रुपये, चार किलोग्राम सिलेंडर की कीमत 800 रुपये है। इसके अलावा फैंसी पाइप की भी बाजार में धूम मची है। बच्चे स्पाइडर मैन, छोटा भीम आदि को बच्चे खूब पसंद कर रहे हैं। अच्छी कंपनी के गुलाल, अलग-अलग तरह के रंग, पिचकारी, मास्क, पक्के रंग व रंग डालने वाले स्प्रे उपलब्ध हैं। इस बार होली पर अच्छा व्यापार होने की उम्मीद है। वहीं हर्बल रंगों के पैकेट 20 रुपये से 120 रुपये तक वजन मुताबिक के हैं। जिसका कोई नुकसान नहीं है।

100 साल बाद होली और चंद्र ग्रहण एक साथ
जयंती देवी मंदिर के पुजारी नवीन शास्त्री ने बताया कि इस वर्ष होली पर चंद्र ग्रहण का भी साया रहेगा। चंद्र ग्रहण 25 मार्च को सुबह 10:23 बजे शुरू होगा और दोपहर 3:02 बजे तक रहेगा। यह चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। इसलिए इसका सूतक काल भी मान्य नहीं होगा।

होलिका दहन के दिन रहेगा भद्रा का साया : नवीन शास्त्री
जयंती देवी मंदिर के पुजारी नवीन शास्त्री ने बताया कि वैदिक पंचांग के अनुसार होलिका दहन का सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त 24 मार्च रविवार को रात्रि 11 बजकर 14 मिनट से लेकर 12 बजकर 20 मिनट तक रहेगा। यानी इस दौरान होलिका करना शुभ रहेगा। होलिका दहन के दिन भद्रा साया रहेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भद्राकाल को शुभ नहीं माना जाता है और इस दौरान किसी भी तरह का पूजा व पाठ व शुभ काम करना वर्जित होता है। पंचांग के मुताबिक 24 मार्च को सुबह से भद्राकाल लग जाएगी। इस दिन भद्रा का प्रारंभ सुबह 09 बजकर 54 मिनट से हो रही हैए जो रात 11 बजकर 13 मिनट तक रहेगी। इस तरह से भद्राकाल की समाप्ति के बाद ही होलिका दहन किया जा सकता है।

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *