सिरसा लोकसभा सीट आरक्षित सीट है। 2019 के लोकसभा चुनाव में पहली बार सिरसा में भाजपा ने जीत हासिल की थी। सुनीता दुग्गल ने पहली बार ही लोकसभा का चुनाव लड़ा था और पहली बार ही मोदी की लहर में सांसद बनकर संसद में पहुंची थी। सुनीता दुग्गल ने कांग्रेस के उम्मीदवार डॉ अशोक तंवर को 3 लाख से ज्यादा वोटों से पराजित किया था। डॉ अशोक तंवर ने पिछले दिनों आम आदमी पार्टी को छोड़कर भाजपा ज्वाइन की थी और भाजपा ने अब डॉ अशोक तंवर को सिरसा लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने के लिए टिकट दे दी है। चुनाव आयोग ने पिछले दिनों एक प्रेस कांफ्रेंस के जरिए देश के सभी राज्यों में चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है। देश के सभी राज्यों में 7 चरणों में चुनाव होगा। पहला चरण 19 अप्रैल से शुरू होगा और सातवें चरण 1 जून को खत्म होगा। मतदान की गिनती 4 जून को होगी। हरियाणा में 25 मई को छठे चरण में लोकसभा चुनाव होगा। हरियाणा में लोकसभा की 10 सीटें है और 10 सीटों में से भाजपा ने 6 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार दिए है। भाजपा के अलावा अभी तक कांग्रेस ने अभी तक अपने कोई पत्ते नहीं खोले है। फ़िलहाल आम आदमी पार्टी हरियाणा में कांग्रेस के साथ मिलकर सिर्फ एक ही सीट पर चुनाव लड़ेगी। आम आदमी पार्टी कुरुक्षेत्र से लोकसभा चुनाव लड़ रही है और राज्यसभा सांसद डॉ सुशिल गुप्ता को चुनावी मैदान में उतारा गया है। सिरसा लोकसभा सीट की बात की जाए तो 1967 में पहली बार लोकसभा चुनाव हुआ था। पहली बार ही कांग्रेस के उम्मीदवार चौधरी दलबीर सिंह कुमारी शैलजा के पिता ने चुनाव जीतकर संसद में पहुंचे थे। अब तक सिरसा लोकसभा सीट से 15 चुनाव हो चुके है लेकिन इनेलो का गढ़ मानने वाले सिरसा लोकसभा सीट से कांग्रेस को ही ज्यादा कामयाबी मिली है। 15 लोकसभा चुनाव में अब तक सबसे ज्यादा बार कांग्रेस को ही जीत मिली है। कांग्रेस 15 में से 8 बार लोकसभा का चुनाव जीत चुकी है और उसके बाद इनैलो या फिर पुराने ज़माने में देवीलाल की जनता पार्टी , हरियाणा लोकदल को 6 बार सिरसा लोकसभा सीट से जीत मिली है। पहली बार ही सिरसा लोकसभा सीट से भाजपा को कामयाबी मिली है। 2019 में भाजपा उम्मीदवार सुनीता दुग्गल को सिरसा लोकसभा सीट से जीत हासिल हुई है।
सिरसा लोकसभा सीट का अनोखे परिणाम।
सिरसा लोकसभा सीट की बात की जाए तो फ़िलहाल सिरसा लोकसभा सीट में 9 हलके है। सिरसा , डबवाली , कालांवाली , रानियां , ऐलनाबाद सिरसा जिला के पांच हल्के है। इसके साथ ही फतेहबाद जिला के फतेहबाद , रतिया , टोहाना हलके आते है। इसके साथ जींद जिला का नरवाना हल्का भी सिरसा लोकसभा सीट में ही आता है। सिरसा में बात की जाए तो फ़िलहाल कुमारी शैलजा और उनके स्वर्गवासी पिता चौधरी दलबीर सिंह को ही कामयाबी मिली है। 4 बार दलबीर सिंह और दो बार कुमारी शैलजा सिरसा सीट से सांसद बने है। इसके साथ ही डॉ सुशील इंदोरा सिरसा सीट से दो बार सांसद चुने गए है।
लोकसभा चुनाव का आगाज हो चुका है। सभी राजनीतिक पार्टियों ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी है। फ़िलहाल हरियाणा में अभी कांग्रेस की और से किसी भी उम्मीदवार की घोषणा नहीं की गई है। हरियाणा में फ़िलहाल 10 लोकसभा की सीटें है। गुरुग्राम , फरीदाबाद , भिवानी , रोहतक , हिसार , सिरसा , अंबाला , सोनीपत , करनाल और कुरुक्षेत्र लोकसभा सीटे है।