हरियाणा मे पिछले 4 साल 6 महीने से गठबंधन की सरकार चल रही थी ! हरियाणा प्रदेश में से गठबंधन की सरकार हरियाणा को लूटने का काम कर रही थी हरियाणा प्रदेश के अंदर कई घोटाले हुए शराब घोटाला, धान घोटाला पेपर लीक घोटाला रजिस्ट्री घोटाला , एस एस कमीशन के दफ्तर में पैसे पकड़े गए , पब्लिक सर्विस कमिशन के दफ्तर में पैसे पकड़े गए !
इस सरकार मे बेरोजगारी ,अपराध ,नशा लगातार बढ़ रहा है! अगर कोई इनके पास अपनी बात लेकर गया चाहे किसान गए सरपंच गए ,कर्मचारी गए उन सब पर इस सरकार ने डंडे मारने का काम किया हरियाणा प्रदेश की जनता सरकार से छुटकारा चाहती है और लोगों का मन बना हुआ है !
पूर्व मंत्री अशोक अरोड़ा ने सरकार पर तंग करते हुए कहा कि जैसे कोई व्यक्ति डूबता है तो हाथ पैर मरता है वही हालत आज इस मौजूदा सरकार की हैं! मुख्यमंत्री का चेहरा नहीं ,लोग सरकार बदलना चाहती हैं!
हरियाणा सरकार में गठबंधन स्वार्थ का गठबंधन था हरियाणा प्रदेश के लोगों ने बीजेपी की सरकार के खिलाफ 2019 में फतवा दिया था हरियाणा में 90 में से 40 सीटें जीती थी और 50 हारी थी!वह लोग जो बीजेपी के खिलाफ वोट लेकर आए थे वही अपने फायदे के लिए बीजेपी के साथ हाथ मिलाकर सरकार बना गए!
हरियाणा में चुनाव आने पर भारतीय जनता पार्टी और जननायक पार्टी ने अपना गठबंधन तोड़ दिया अब यह अलग-अलग चुनाव लड़ेंगे यह गठबंधन स्वार्थ का गठबंधन था! जनता सब समझ चुकी है जात–पात ,धर्म से ऊपर उठ कर देश के संविधान और लोकतंत्र को बचाने के लिए इंडिया गठबंधन को वोट देंगे