जननायक चौधरी देवीलाल विद्यापीठ एवं कनाडा के टोरंटो में स्थित सेनेका कॉलेज के बीच एक अहम समझौता हुआ। इसके तहत अब सिरसा स्थित जननायक चौधरी देवीलाल विद्यापीठ के बिजनेस मैनेजमेंट के विद्यार्थी एक वर्ष की शिक्षा यहां ग्रहण करने के बाद दो वर्ष तक की शिक्षा कनाडा में कर सकेंगे। हर साल 15 विद्यार्थियों को यह अवसर मिलेगा। विशेष बात यह है कि विद्यार्थियों को कनाडा की डिग्री मिलेगी तो तीन वर्ष का वर्क परमिट भी मिलेगा। इस आशय की जानकारी विद्यापीठ के महानिदेशक एवं अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त वैज्ञानिक डा. कुलदीप सिंह ढींडसा ने विद्यापीठ में विशेष बातचीत के दौरान दी। इस दौरान उनके साथ विद्यापीठ के रजिस्ट्रार डॉ. सुधांशु गुप्ता, बी.एड. कॉलेज के प्राचार्य डा. जयप्रकाश, मैनेजमेंट कॉलेज की प्राचार्या डा. हरलीन कौर भी मौजूद थे। दरअसल विदेशों में पढ़ाई के लिए कनाडा विद्यार्थियों की पहली पसंद है। ऐसे में कनाडा के साथ सिरसा की जननायक चौ. देवीलाल विद्यापीठ ने एक खास अनुबंध किया है।
विद्यापीठ के महानिदेशक डा. ढींडसा ने जानकारी देते हुए बताया कि बिजनेस मैनेजमेंट में ग्रेजुएशन में प्रवेश लेने वाले विद्यापीठ के विद्यार्थी एक वर्ष की पढ़ाई विद्यापीठ में करेंगे और इसके बाद आगे की पढ़ाई कनाडा के सेनेका कॉलेज से करेंगे। डॉ. कुलदीप सिंह ढींडसा ने बताया कि 6 दिसंबर 2023 को दिल्ली में सेनेका इंटरनेशनल कनाडा के अध्यक्ष डा. डेविड एग्न्यू व विद्यापीठ के महानिदेशक डा. कुलदीप सिंह ढींडसा के द्वारा एक एम.ओ.यू. पर हस्ताक्षर किए गए। डा. ढींडसा ने बताया कि इस प्रोग्राम के अन्तर्गत बीबीए के छात्र प्रथम वर्ष की शिक्षा जे.सी.डी. विद्यापीठ में ग्रहण करेंगे तत्पश्चात आईईएलटीएस पास करने के बाद उन्हें सेनेका कॉलेज टोरंटो कनाडा में बीबीए के द्वितीय वर्ष में प्रवेश मिल जाएगा। उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों को विद्यापीठ में ही आईईएलटीएस की कोचिंग का प्रबंध कर दिया गया है।
डा. ढींडसा ने आगे बताया कि इन विद्यार्थियों को सेनेका इंटरनेशनल टोरंटो के द्वारा बीबीए की डिग्री प्रदान की जायेगी। समझौते के अनुसार बीबीए पास करने वाले सभी विद्यार्थियों को कनाडा में काम करने के लिए तीन वर्ष का वर्क परमिट मिलेगा। उन्होंने बताया कि कैनेडियन ब्यूरो फॉर इंटरनेशनल एजुकेशन के आंकड़ों से पता चलता है कि कनाडा के लगभग 34 प्रतिशत अंतर्राष्ट्रीय छात्र भारत से आते हैं। भारत दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते बाजारों में से एक है, और हमारे छात्रों का इन साझेदारियों के तहत अध्ययन करने के लिए वहां जाना हमारे लिए एक महत्वपूर्ण विकास अवसर को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि यह रिश्ता न केवल हमारे संस्थानों के बीच सहयोग को बढ़ावा देगा बल्कि भारत और कनाडा के बीच दीर्घकालिक शैक्षिक संबंध को भी मजबूत करेगा। जननायक चौधरी देवीलाल विद्यापीठ 125 एकड़ में फैला है और यहां पर इस समय डेंटल कालेज में बी.डी.एस. और एम.डी.एस. की डिग्री करवाई जाती है। इसी तरह से इंजीनियरिंग कालेज में बी.टैक और एम.टैक, डिग्री कालेज में कलां, विज्ञान एवं वाणिज्य संकाय में अंडर ग्रेजुएशन एवं पोस्ट ग्रेजुएशन कोर्सेज हैं। फार्मेसी कॉलेज में डी. फार्मेसी, बी. फार्मेसी एवं एम. फार्मेसी, बीएड कॉलेज में बीएड, बी.एड. स्पेशल एवं एम.एड. के अलावा एम.बी.ए. और बी.बी.ए. के कोर्सेज करवाए जाते है ।
जननायक चौधरी देवीलाल विद्यापीठ के महानिदेशक डा. कुलदीप ढींडसा ने बताया कि अपने आप में एक अनोखा संस्थान है, क्योंकि यहां केवल शैक्षणिक क्रियाओं के विकास में ही नहीं बल्कि खेल,पाठ्य सहगामी क्रियाओं,अनुशासन,सामाजिक वातावरण के प्रति जागरूकता तथा नैतिक मूल्यों का पाठ भी पढ़ाया जाता है। विद्यापीठ शैक्षणिक क्षेत्र में वैश्विक पहचान बनाकर हरियाणा,पंजाब,राजस्थान व अन्य राज्यों में विद्यार्थी समुदाय की पहली पसंद है। जननायक कहे जाने वाले एवं जनहित की भलाई एवं गरीब वर्ग के सदैव हितैषी रहे चौ. देवीलाल का विश्वास था कि एक बेहतर राष्ट्र के निर्माण के लिए व्यक्ति के व्यक्तित्व का विकास हो। इसके लिए शिक्षा एक अभिन्न अंग है तथा सिरसा जिला जैसे शिक्षा के क्षेत्र में पिछड़े इलाके में एक ऐसा संस्थान बने जिसमें एक ही जगह पर इंजीनियरिंग, डॉक्टर्स, विज्ञान,कला एवं वाणिज्य संबंधी कोर्स करवाएं जाएं। उनके इसी सपने को साकार करने के लिए ही उनके पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला ने वर्ष 2002 में जे.सी.डी. विद्यापीठ की स्थापना की। उन्होंने यह प्रण लिया कि सिरसा जिला के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा प्राप्ति हेतु अपने जिला से बाहर नहीं जाना पड़े तथा इंजीनियरिंग एवं विभिन्न ऐसे कोर्स जिनके लिए सिरसा एवं इसके साथ लगते इलाके के निवासियों को चंडीगढ़, गुडगांव या अन्य बड़े जिलों में जाकर शिक्षा हासिल करनी पड़ती थी।
