Diplomat देवयानी खोबरागड़े ने कंबोडिया के नववर्ष पर धारण किया ‘अप्सरा’ का वेश

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कंबोडिया में भारतीय दूतावास ने हाल ही में भारत की राजदूत देवयानी खोब्रोगड़े की पारंपरिक कंबोडियाई पोशाक में फोटोशूट की तस्वीरें साझा कीं, जिसमें वह ‘अप्सरा’ की तरह सजी हुई हैं। भारतीय राजदूत ने खमेर नववर्ष के अवसर पर कंबोडियाई लोगों को अपनी शुभकामनाएं देने के लिए ‘खमेर अप्सरा’ की तरह कपड़े पहने।

कंबोडिया में भारतीय दूतावास ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर कहा, “राजदूत देवयानी खोबरागड़े को खमेर संस्कृति और परंपरा से गहरी लगाव है। खमेर नववर्ष की भावना को अपनाते हुए, उन्होंने खमेर अप्सरा की तरह सुंदर पोशाक पहनी, जो हमारी सभ्यताओं के समृद्ध बंधन को दर्शाता है। हमारे सभी कंबोडिया मित्रों को खमेर नववर्ष के उत्सव की हार्दिक शुभकामनाएं।”

तस्वीरों में राजनयिक पारंपरिक कम्बोडियन पोशाक में नज़र आ रही हैं, जिसे प्राचीन खमेर कला और पौराणिक कथाओं में दर्शाया गया है। उन्होंने पारंपरिक स्वर्ण 3आभूषण और सिर पर एक टोपी पहनी हुई है, जिसके साथ पारंपरिक खमेर सम्पोट, एक प्रकार की लपेटने वाली स्कर्ट भी है।

सुश्री खोबरागड़े 1999 बैच की भारतीय विदेश सेवा अधिकारी हैं। अपने लगभग 24 साल के करियर में सुश्री खोबरागड़े ने बर्लिन, इस्लामाबाद, रोम और न्यूयॉर्क में भारतीय मिशनों में काम किया है। विदेश मंत्रालय के मुख्यालय में सुश्री खोबरागड़े ने पीएआई (पाकिस्तान, अफगानिस्तान और ईरान), मध्य यूरोप, वित्त और सीपीवी (कांसुलर पासपोर्ट, वीज़ा) प्रभागों सहित कई विंगों में काम किया है।

कंबोडियाई नव वर्ष, जिसे खमेर नव वर्ष के नाम से जाना जाता है, आमतौर पर तीन दिन का सार्वजनिक अवकाश होता है। खमेर में इसे ‘चौल चन्नम थमे’ कहा जाता है, जिसका अर्थ है ‘नए साल में प्रवेश करना’।

यह उत्सव पारंपरिक सौर नव वर्ष पर आधारित है और 13 अप्रैल या 14 अप्रैल को पड़ता है। कंबोडिया में, यह बरसात के मौसम की शुरुआत से पहले फसल की कटाई के अंत का प्रतीक है।

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