अक्ल दाढ़, जिसे अंग्रेजी में विजडम टूथ भी कहा जाता है,मुंह के ठीक पीछे के हिस्से में मोलर का तीसरा सेट होता है। आमतौर पर अक्ल दाढ़ वाले दांत व्यक्ति के 17 से 25 वर्ष की उम्र के बीच आते हैं। इन दांतों के आने पर व्यक्ति के मसूड़ों में सूजन, दांतों में दर्द और बेचैनी महसूस होती है।
अकल दाढ़ आती है तो क्या होता है?
भोजन और बैक्टीरिया दांतों और मसूड़ों के बीच फंस सकते हैं। आंशिक रूप से प्रभावित अक्ल दाढ़ में संक्रमण का खतरा बहुत ज्यादा होता है। दांतों में संक्रमण या कैविटी तब होती है, जब बैक्टीरिया बढ़कर इनेमल लेयर में छेद कर देते हैं।
अकल दाढ़ कितने दिन में निकल आती है?
ज्यादातर लोगों की अक्ल दाढ़ (विस्डम टुथ) 17 से 25 साल के बीच में आ जाती है लेकिन कई लोगों में ये 25 के बाद भी आती है । ये हमारे मुंह के सबसे आखिरी, मजबूत दांत होते हैं और सबसे अंत में आते हैं
अक्ल दाढ़ का दर्द क्यों आता और जाता है?
जैसे ही अक्ल दाढ़ निकलती है, यह मसूड़ों और पड़ोसी दांतों पर दबाव डाल सकती है, जिससे दर्द और असुविधा हो सकती है। अक्ल दाढ़ की काटने वाली सतह को ढकने वाली मसूड़े की परत भी सूज सकती है और दांतों के बीच फंस सकती है, जिससे अधिक दर्द हो सकता है।
अकल दाढ़ निकलती है हो तो क्या करना चाहिए?
अकल दाढ़ निकलने पर होने वाले दर्द को दूर करने में वैसे लौंग भी बेहद असरदार होता है। लौंग को सीधा दाढ़ के ऊपर रखें या फिर लौंग के तेल को रुई में सोखकर दाढ़ के ऊपर रखें। – वैसे लौंग को पीसकर भी दाढ़ पर लगाने से आराम मिलता है। – सूजन को कम करने के लिए लहसुन की कलियों को पीसकर दाढ़ पर रखा जा सकता है।
