खासकर महिलाओं को बथुआ के साग का सेवन जरूर करना चाहिए, क्योंकि इसमें प्रचुर मात्रा में आयरन पाया जाता है जो महिलाओं के लिए काफी फायदेमंद है. इसका सेवन करने से उन्हें पीरियड्स की प्रॉब्लम में राहत मिलेगी. सर्दियों के मौसम में लोग पानी पीना कम कर देते हैं. ऐसे में यूरिन संबंधी समस्या उत्पन्न होने लगती हैं. सर्दियों में इसका सेवन कई बीमारियों को दूर रखने में मदद करता है। बथुए में आयरन प्रचुर मात्रा में होता है, बथुआ न सिर्फ पाचनशक्ति बढ़ाता बल्कि अन्य कई बीमारियों से भी छुटकारा दिलाता है। गुजरात में इसे चील भी कहते है। बथुआ की पत्तियां प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करती हैं, त्वचा के स्वास्थ्य को बनाए रखती हैं और रक्त के थक्के जमने में मदद करती हैं । इसमें उचित मात्रा में आयरन, कैल्शियम, मैग्नीशियम और पोटेशियम भी होता है, जो हड्डियों के स्वास्थ्य, मांसपेशियों और समग्र स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है।
बथुआ की तासीर गर्म होती है, ऐसे में प्रेग्नेंसी में इसका सेवन अधिक मात्रा में करने से मिसकैरिज भी हो सकता है. इस पौधे के बीजों में कुछ ऐसे तत्व होते हैं, जो इसके लिए जिम्मेदार हो सकते हैं. ऐसे में गर्भवती महिलाओं को इसे बहुत ही लिमिटेड अमाउंट में ही खाना चाहिए.
आइए जानते हैं पीरियड्स में बथुए का साग खाने के फायदे :-
1. पाचन से जुडी समस्याएं
जिन लोगों को पाचन से जुड़ी समस्या है, उनके लिए बथुआ काफी मददगार साबित हो सकता है। इसमें फाइबर और पानी की मात्रा अधिक होती है। जो पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने में मददगार है। अगर आपको कब्ज की समस्या है, तो अपनी डाइट में बथुआ का साग जरूर शामिल करें।

2. पेट से जुडी समस्याएं
बथुए का रस, उबाला हुआ पानी पीएं, इससे पेट के हर प्रकार के रोग यकृत, तिल्ली, अजीर्ण, गैस, कृमि, दर्द, अर्श पथरी ठीक हो जाते हैं। 4 पथरी : पथरी हो तो 1 गिलास कच्चे बथुए के रस में शकर मिलाकर नित्य सेवन करें तो पथरी टूटकर बाहर निकल आएगी।

3. पीरियड्स से जुडी समस्याएं
महिलाओं के लिए काफी फायदेमंद है. इसका सेवन करने से उन्हें पीरियड्स की प्रॉब्लम में राहत मिलेगी.

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