नई दिल्ली (एकता): दुनिया पर राज करने वाले ब्रिटेन में रहने वाले लोगों के लिए एक जरूरी खबर है। मीडिया सूत्रों के अनुसार ब्रिटेन का दूसरा सबसे बड़ा शहर बर्मिंघम दिवालिया हो गया है। खास बात यह है कि सालाना बजट में कमी के कारण बर्मिंघम को चलाने वाले स्थानीय अधिकारियों ने काउंसिल को दिवालिया घोषित कर दिया है। अब सभी तरह के जरूरी खर्चों पर तुरंत रोक लगाई गई है। बताया जा रहा है कि बर्मिंघम सिटी काउंसिल को विपक्षी लेबर पार्टी चलाती है, ये यूरोप में 100 से ज्यादा काउंसलर्स वाली सबसे बड़ी लोकल अथॉरिटी है। धारा 114 नोटिस जारी कर कहा कि कमजोर लोगों और वैधानिक सेवाओं की सुरक्षा को छोड़कर, बाकी सभी सेवाएं तत्काल प्रभाव से बंद की जाती हैं।
काउंसिल के पास समान वेतन खर्च को पूरा करने के लिए अपर्याप्त संसाधन हैं। काउंसिल पहले से चले आ रहे खर्चों पर नियंत्रण को सख्त करेगी। कमजोर लोगों और वैधानिक सेवाओं की सुरक्षा को छोड़कर सभी नए खर्च तुरंत बंद होने चाहिए। UK सुप्रीम कोर्ट ने 174 कर्मचारियों के पक्ष में फैसला सुनाया, जिनमें ज्यादातर महिलाएं थीं। जो टीचिंग असिस्टेंट, सफाईकर्मी और कैटरिंग स्टाफ था, जो बोनस लेने से चूक गए थे।
UK का सबसे बड़ा मल्टीकल्चरल शहर बिट्रेन
बता दें कि यूके के बिट्रेन के इस सबसे बड़े मल्टीकल्चरल शहर ने ही पिछले साल राष्ट्रमंडल खेलों की होस्टिंग की थी। अब इसकी बदहाल आर्थिक स्थिति ने सभी को शर्मिंदा कर दिया है। साल 2023 में समान वेतन के दावों को पूरा करने के लिए 760 मिलियन पाउंड तक का भुगतान किए जाने की बात सामने आई थी।