नई दिल्ली (एकता): देश में महंगाई दिनों-दिन आसमान छू रही है। त्योहार से पहले ही ग्राहकों को बड़ा झटका लगा है। टमाटर-प्याज के बाद अब चीनी की मिठास कड़वी होने वाली है। हैरानी की बात यह है कि चीनी 6 साल में सबसे महंगी हुई है। मीडिया सूत्रों के अनुसार पिछले 15 दिनों में चीनी में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।
बता दें कि मंगलवार को चीनी की कीमतें बढ़कर 37,760 रुपए ($454.80) प्रति टन हो गईं है, जो अक्टूबर 2017 के बाद सबसे ज्यादा है।हालांकि, इससे रिटेल मार्केट के ग्राहकों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। लेकिन आम लोगों के लिए आसान नहीं है। बुधवार 6 सितंबर के ट्रेड में स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टेड चीनी कंपनियों के शेयरों की मिठास बढ़ गई है। इस मानसून सीजन में बारिश की कमी के चलते गन्ने के उत्पादन प्रभावित होने के आसार है। शुगर स्टॉक्स में जोरदार उछाल देखने को मिल रहा है।

6 साल में सबसे महंगी हुई चीनी
सबसे बड़ी तेजी अवध शुगर और एनर्जी में 12.44 फीसदी के उछाल के साथ आगे बढ़ी। वह 688 रुपए पर कारोबार कर रहा है। हर जगह काफी तेजी से उछाल आया है। चीनी कंपनियों के स्टॉक्स में तेजी की वजह चीनी के दामों में उछाल है जो 6 सालों के हाई पर है। बता दें कि एक जनवरी 2023 को चीनी की औसतन कीमत 41.45 रुपए किलो हुआ करती थी जो 5 सितंबर को बढ़कर 43.42 रुपए किलो पहुंच गई है। यानि 2023 में 5 फीसदी के करीब चीनी के दामों में उछाल आया है। इन कंपनियों के शेयरों में तेजी देखी जा रही है। इस खरीफ सीजन में कर्नाटक में बारिश के अभाव में गन्ने का उत्पादन प्रभावित हुआ है। चीनी के महंगे होने से महंगाई बढ़ गई है। लेकिन चीनी कंपनियों और चीनी स्टॉक्स में निवेश करने वाले निवेशकों के लिए यह राहत भरी खबर है। उनको चीनी महंगी होने से काफी फायदा हो रहा है।