इस मशहूर शख्स के हाथों में है ऐसा हुनर, अंगुली के नाखून जितनी पुस्तक पर लिख डाली पूरी हनुमान चालीसा

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दिल्ली (एकता): कहते हैं कि लिखने की कला का हुनर हर किसी के पास नहीं होता। हर शख्स में अलग-अलग कला के रूप समाए होते हैं। कोई पेंटिंग, कलाकृति, राइटर ऐसे ही अलग तरह की कला में माहिर होते हैं। ऐसा ही एक शख्स हरियाणा के हांसी के रामपुरा मोहल्ला निवासी जतिंद्रपाल सिंह के हाथों में है। उनके हाथ के हुनर को बड़े-बड़े लोग सलाम करते हैं। उन्होंने हर बार अलग-अलग कला कर सबको चौंका दिया है। वह अपनी कला से एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड, इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड व लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में 35 नाम दर्ज करवा चुके हैं। हाल ही में उन्होंने अंगुली के नाखून जितनी हनुमान चालीसा लिखी।

मीडिया सूत्रों के अनुसार इस एक सेंटीमीटर लंबी पुस्तक के सभी 15 पन्नों पर जतिंद्रपाल सिंह ने पूरी हनुमान चालीसा लिखकर सभी को हैरान कर दिया। बता दें कि इसके मुख्य पृष्ठ पर हनुमानजी का पहाड़ उठाने वाली तस्वीर भी बनाई है। खास बात यह है कि उन्होंने हर पेज को खुद लेमिनेशन किया है, ताकि हर कोई शख्स इसे पढ़ सके। जानकारी के मुताबिक जतिंद्रपाल हांसी के एसडी मॉर्डन पब्लिक स्कूल में कला अध्यापक हैं। उन्हें पेंटिंग का भी काफी क्रेज था।

15 अगस्त पर तिरंगा बनाने की तैयारी

खास बात यह है कि अब वह 15 अगस्त पर 3 मिलीमीटर का तिरंगा बनाने की तैयारी कर रहे हैं। इसे बनाने में 2 घंटे का समय लगेगा। तिरंगा का डंडा बांस की झाडू के तिनके से तैयार करेंगे। उनकी कला को देखकर हर कोई हैरान रह जाता है। सबसे बड़ी बात यह है कि जतिंद्रपाल को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और सामाजिक संस्थाओं से सम्मान भी मिल चुका है। लेकिन आज तक सरकार ने उन्हें कुछ नहीं दिया।

 

पहली बार एक चावल के दाने पर बनाए थे 10 देशों के झंडे

बताया जाता है कि जतिंद्रपाल ने 1992 में पहली बार एक चावल के दाने पर 10 देशों के झंडे बनाए थे। इसके अलावा गिटार, सांप-सीढ़ी, पेन सहित अन्य चीजें बना चुके हैं। 2005 में एक सुई में 780 धागे भी पिरोकर सबको हैरान किया था। बता दें कि 2020 में जाकेट सीलने वाली सुई में 26700 रेशमी धागे डालकर उन्होंने इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में नाम दर्ज कर रिकॉर्ड तोड़ दिया था। हर कोई उनकी तारीफ और कला से हैरान है।

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