दिल्ली (एकता): दिल्ली में वैसे तो काफी कुछ देखने लायक हैं। जहां के धार्मिक स्थल, किले, गुरुद्वारे, दरगाह, मंदिर काफी प्रसिद्ध हैं। इतना ही नहीं शॉपिंग के लिए यहां के बाजार भी काफी मशहूर हैं। लोग काफी दूर-दूर से जहां घूमने आते हैं। हर किसी को राजधानी की सुंदरता अच्छी लगती है। इनमें से एक इस्कॉन मंदिर का इतिहास काफी दिलचस्प है। बता दें कि यह दिल्ली-एनसीआर का पहला इस्कॉन मंदिर है, जो कि ईस्ट ऑफ कैलाश इलाके में स्थित है।

इस मंदिर को लोग श्री श्री राधा पार्थसारथी मंदिर के नाम से भी जानते हैं। मीडिया सूत्रों के अनुसार इस्कॉन मंदिर लोटस टैंपल और कालकाजी मंदिर के पास है। जो इसे एक बार देख लें फिर बार-बार दीदार करने पहुंच जाते हैं। लोग मंदिर में घंटों बैठकर राधा-कृष्णा की मूर्ति सहित सभी मूर्तियों को देखते रहते हैं। करीब 90 मीटर ऊंचे शिखर वाले इस मंदिर को देखने दूर-दूर से पर्टयक आते हैं।

जानकारी के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 26 फरवरी, 2019 को इस इस्कॉन मंदिर में दुनिया की सबसे बड़ी श्रीमद भगवद गीता का विमोचन किया। करीब 3 एकड़ में फैले इस मंदिर के हाल में भगवान श्रीकृष्ण, देवी राधा और अन्य देवताओं की सुंदर मूर्तियां स्थापित की गई हैं। मंदिर में भगवान राम, सीता माता, भगवान लक्ष्मण और भगवान हनुमान की प्रतिमाएं भी हैं। जन्माष्टमी के दिन तो इस मंदिर में लाखों के करीब श्रद्धालु पहुंचते हैं।
