दिल्ली (एकता): आंखें हमारे शरीर का सबसे अनमोल और नाजुक पार्ट है। इससे ही हम सब कुछ देखते हैं। हम अपनी आंखों से दुनियाभर की खूबसूरती को निहारते हैं। इसलिए हमें आंखों का सबसे ज्यादा ध्यान रखना चाहिए। अगर हमारी आंखों में कुछ चला जाए तो हमें कितनी तकलीफ होती है। अगर हल्की सी भी धूल चली जाए तभी भी हमें डर लगा रहता है। हम अपनी आंखों से बहुत सी चीजें देखते हैं और करते भी हैं। अगर हमें कोई भी काम करना हो तो हमें आंखों की जरूरत पड़ती है। ऑफिस काम, खाना बनाना, बाहर घूमना अन्य काम में यह हमारा साथ देती है। अगर हम अपनी आंखों की ही देखभाल नहीं करेंगे तो हमें काफी मुसीबते उठानी पड़ सकती हैं। इसलिए अगर आपको कॉर्नियल अब्रेशन की जरूरत है तो सबसे पहले में यह काम करना चाहिेए।

- बता दें कि कॉर्नियल अब्रेशन का समय रहते अगर इलाज न किया जाए तो आंखों में यह इंफेक्शन बढ़ जाता है। जो कि कॉर्नियल अल्सर का रूप ले लेता है। जिससे हमें काफी तकलीफ होती है। इससे आपको आंखों की रोशनी भी जा सकती है।
जानिए क्या हैं इसके लक्षण
- कॉर्नियल अब्रेशन के शुरुआती के कई लक्षण होते हैं। जैसे:- धुंधला दिखाई देना, आंखों में दर्द, आंसू निकलना किसी भी चीज को देखने में परेशानी के लक्षण दिखने लगते हैं।

जानिए कैसे रखें आंखों का ख्याल
- कॉर्नियल अब्रेशन होने पर आंखों की अच्छी सफाई करनी चाहिए। आंखों को हमेशा ही पानी या सेलाइन वॉटर से ही साफ करें।
- अगर आपको लगे कि आपकी आंखों के कण में कुछ चला गया है कि बार-बार पलकें झपकाएं। इससे वह आसानी से बाहर निकल जाएगा।
- अगर आपकी आंख में कण चला जाए और इससे आपको ज्यादा परेशानी हो रही है तो उसे निकलाने की कोशिश करें।
- आपकी आंखों में अगर चोट लगे या कोई कण फंस जाए तो उसे निकालने की कोशिश करें न कि उसे मसले।
- आंख को किसी कपड़े से साफ न करें। इससे आपको ही दिक्कतें होगी।
- आपको आंख में अगर किसी तरह की कोई तकलीफ है तो कॉन्टैक्ट लेंस न पहनें। क्योंकि इससे आपकी समस्या और बढ़ेगी।