दिल्ली (एकता): जब इरादे मजबूत हो और मन में कुछ कर गुजरने की इच्छा हो तो बड़ी से बड़ी मुश्किल आसान लगती है। ऐसी ही एक योग नन्हीं योग टीचर वान्या शर्मी ने अपनी प्रतिभा का पूरे देश में लोहा मनवाया है। वान्या शर्मा ने सबसे छोटी उम्र में सबसे ज्यादा आसन करने का रिकॉर्ड बनाया। बता दें कि यह छोटी बच्ची दिल्ली में पीतमपुरा की रहने वाली है। वह एसडी पब्लिक स्कूल पीतमपुरा में अभी यूकेजी में पढ़ती हैं।

मीडिया सूत्रों के अनुसार वान्या शर्मा ने 2 साल की उम्र से ही योग करती आ रही है। उसने अपने पिता को देखकर योग करना सीखा। धीरे-धीरे वह मुश्किल से मुश्किल योग करने लगी। केवल साढे पांच साल की उम्र में उसने 8 बुक ऑफ रिकॉर्ड जीते। आयुष मंत्रालय की ओर से उन्हें सबसे छोटी योगिनी का खिताब हासिल हुआ है।

खास बात यह है कि वान्या ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और योग गुरु बाबा रामदेव के सामने इस हुनर से सबको प्रभावित किया। उसे राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक कार्यक्रम में भी बुलाया गया था। उस समय वह 4 साल की थी। तब वान्या को बाबा रामदेव ने सम्मानित किया था। वान्या को शबरी सम्मान भी मिला है। फिलहाल वान्या पीतमपुरा स्थित सनातन धर्म पब्लिक स्कूल में 11वीं, 12वीं के बच्चों को 2002 से योग सिखाती हैं।

वान्या के पिता ने केंद्र सरकार की तरफ से सूर्य नमस्कार प्रोजेक्ट किया था। जिसमें उन्होंने कई ऐतिहासिक धरोहर और स्मारक स्थलों के पास जाकर योग किया। उस समय वान्या भी अपने पिता के साथ थी। नन्हीं योग टीचर का वीडियो हजारों लोगों को पसंद आया। अब वान्या की दुनिया में काफी पहचान बनी हुई है। हर कोई उसे जानता है।

छोटी उम्र में अर्जित किए बड़े रिकॉर्ड्स
वान्या शर्मा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी योग सिखा चुकी हैं। अब तक उसे राइट च्वाॅइस अवार्ड 2022, एमजीए अवार्ड 2022, कल्कि गौरव सम्मान 2022, योग वीर सम्मान 2022, महर्षि घेरंड योग रत्न सम्मान 2022, डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन शिक्षा सम्मान 2022, इंटरनेशनल सोशल ऑनरेबल अवार्ड 2022, इंडिया स्टार इंडिपेंडेंट अवार्ड 2022, नेशनल चाइल्ड अवार्ड 2022, राष्ट्रीय रत्न सम्मान 2022, अटल गौरव सम्मान 2022, भारत रत्न डॉ एपीजे अब्दुल कलाम अवार्ड 2022 और शबरी सम्मान 2023 मिले हैं। बता दें कि ये नन्हीं टीचर कई मशहूर सितारों से भी मिल चुकी हैं। जिनमें डॉ किरण बेदी, नोबल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी, अभिनेत्री अमीषा पटेल और अभिनेता राकेश बेदी ने अलग-अलग मंच पर इन्हें सम्मानित किया गया।
