दिल्ली (एकता): पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के बेटे राहुल गांधी का आज जन्मदिन है। बता दें कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी 53वां जन्मदिन मना रहे हैं। इस शुभ अवसर पर राजनीतिक दल के दिग्गज नेताओं ने उन्हें बधाई दी। मीडिया सूत्रों के अनुसार राहुल गांधी उस दिग्गज परिवार से संबंध रखते हैं, जिन्होंने भारतीय राजनीतिक इतिहास में महत्वपूर्ण पदों पर काम किया। बता दें कि राहुल गांधी का जन्म 19 जून 1970 को दिल्ली में हुआ था।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने राहुल गांधी को दी बधाई
जानकारी के मुताबिक उनके जन्मदिन के अवसर पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी उनको जन्मदिन की बधाई दी। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी का साहस काफी सराहनीय है। उन्होंने कांग्रेस के आधिकारिक ट्विटर के जरिए भी राहुल गांधी के जन्मदिन पर ट्वीट किया। मल्लिकार्जुन खरगे ने इस दौरान राहुल गांधी की तारीफ भी की। पार्टी के नेता और कार्यकर्ता राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा की क्लिप शेयर कर रहे हैं। बता दें कि राहुल गांधी ने अपने करियर में काफी उतार-चढ़ाव देखें। लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। हमेशा सच का साथ दिया।
Warm birthday greetings to Shri @RahulGandhi.
Your unflinching commitment to Constitutional values and your indomitable courage in the face of adversity is admirable.
May you continue speaking truth to power and be the voice of millions of Indians, while spreading the message…
— Mallikarjun Kharge (@kharge) June 19, 2023
जानिए कैसा रहा कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी का राजनीतिक सफर
सोनिया गांधी के बेटे राहुल गांधी ने पहली बार 2004 में अमेठी से लोकसभा चुनाव में जीत हासिल की थी। 2007 में उन्हें कांग्रेस महासचिव नियुक्त किया गया। 2009 में दूसरी बार अमेठी से ही उन्हें फिर लोकसभा चुनाव लड़ा और भारी मतों से जीते। इस दौरान उनको 15वीं लोकसभा का सदस्य बनाया गया। 2011 में राहुल गांधी ने भट्टा पारसौल के आंदोलन ने एक अलग पहचान दिलाई। वह तीसरी बार अमेठी से सांसद बने। साल 2013 में उनको कांग्रेस का उपाध्यक्ष बनाया गया। 2014 में लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी ने जीत हासिल की। 2018 में उनको कांग्रेस का अध्यक्ष चुना गया। इसके बाद 2019 में आम चुनाव हुए जो राहुल गांधी के नेतृत्व में लड़ा गया। पार्टी की हार की जिम्मेदारी लेते हुए राहुल गांधी ने कांग्रेस के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद उनकी वायनाड से संसद सदस्यता भी चली गई।
