उत्तराखंड (एकता): गुरुद्वारा हेमकुंड साहिब एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है, जो उत्तराखंड के चमौली जिले में स्थित है। लोग इसे हेमकुंड पर्वत भी कहकर पुकारते हैं। हेमकुंड साहिब की यात्रा अमरनाथ यात्रा जैसी ही है। हेमकुंट साहिब हर साल हजारों तीर्थयात्रियों को आकर्षित करता है। यहां सिखों के दसवें गुरु गुरु गोविंद सिंह ने अपने पूर्व जन्म में हेमकुंड झील के शांत किनारे पर ध्यान किया था। गर्मियों में यहां हर साल दुनियाभर से हजारों लोग दर्शनों के लिए आते हैं।

मीडिया सूत्रों के अनुसार हेमकुंड साहिब में भी बारिश और बर्फबारी से ठंड का अहसास होने लगा है। गुरुद्वारा हेमकुंड साहिब में करीब 8 फीट बर्फ देखी जा रही है। लोगों ने ये नजारा 13 साल बाद देखा। खास बात यह है कि जून के महीने में 8 फीट की बर्फ देखने को मिल रही है। गुरुद्वारे के पास इतनी बर्फ जमी हुई है कि आप हिमाचल की ठंडी वादियां भी भूल जाएंगे। हालांकि हेमकुंड साहिब अक्टूबर से मई तक साल में कम से कम 8 महीने बर्फ से ढका रहता है।

हेमकुंड साहिब की चढ़ाई 15 किलोमीटर है, आप पैदल या घोड़े की मदद से भी यात्रा पूरी कर सकते हैं। हेमकुंड सरोवर पूरा ही बर्फ से ढका हुआ है। जानकारी के मुताबिक हेमकुंड साहिब से बर्फ हटाने का काम शुरू किया गया है। बता दें कि सोमवार को करीब 2200 तीर्थयात्रियों ने हेमकुंड साहिब के दर्शन किए।

बर्फ के चलते उन्हें मंगलवार को रवाना किया गया। यात्रियों को सुबह 10 बजे तक ही हेमकुंड साहिब जाने की अनुमति दी जा रही है। कई तीर्थयात्री थकान और फोटो खिंचवाने के चलते रास्ते में ही रुके रहते थे।
