उत्तराखंड (एकता): चारधामों में सबसे कठिन यात्रा बाबा केदारनाथ की है। जहां काफी श्रद्धालु आस्था और विश्वास के साथ पैदल ही यात्रा करना पसंद करते हैं। जिस कारण रास्तें में उनकी तबियत खराब हो जाती है और उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। दरअसल यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। यात्रा में ऑक्सीजन की कमी से भी जूझना पड़ता है। हजारों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए केदारनाथ मंदिर पहुंचते हैं। यह मंदिर उत्तराखंड राज्य में स्थित है। अब फिर से केदारनाथ यात्रा शुरू हो चुकी है। चारधाम की यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए खुशखबरी है। केदारनाथ धाम के द्वार भक्तों के लिए 25 अप्रैल से खोल दिए जाएंगे। इसके साथ ही यमुनोत्री और गंगोत्री के कपाट 22 अप्रैल और बद्रीनाथ के कपाट 27 अप्रैल को खुलेंगे। मौसम को देखते हुए मंदिर के कपाट अप्रैल से नवंबर के बीच ही खोले जाते हैं। इसके बाद बर्फबारी के चलते कपाट को बंद करना पड़ता है।

22 अप्रैल से शुरू हो रही यात्रा के लिए खास इंतजाम
केदारनाथ यात्रा 22 अप्रैल को शुरू हो रही है। जिसके चलते इस बार खास इंतजाम किए गए है। यात्रा को लेकर स्वास्थ्य जांच के लिए हेल्थ एटीएम यात्रा रूट पर लगाने की बात कही है। दरअसल कोरोना के बढ़ते मामलों को लेकर श्रद्धालुओं को सावधानी बरतने के लिए कहा है। यात्री ट्रैकिंग के साथ-साथ हेलीकॉप्टर से भी जा सकते हैं। साथ ही बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट सहित सार्वजनिक स्थानों पर कोविड वैक्सीनेशन कैंप लगाने की बात कही है।

जानें कितना हुआ रजिस्ट्रेशन
यात्रा को लेकर पहली बार बुकिंग शुरू हो गई है। अब तक कुल 9 लाख 68 हजार 951 लोगों ने यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन करवाया है।
