दिल्ली (एकता): भारत सरकार ने नकली और खराब क्वालिटी की दवाओं पर बड़ा एक्शन लिया है। मीडिया सूत्रों के अनुसार सरकार ने 18 फार्मा कंपनियों के लाइसेंस रद्द किए हैं। इतना ही नहीं इन कंपनियों को मैन्युफैक्चरिंग बंद करने के आदेश दिए गए हैं। यह फैसला मंगलवाल यानि 28 मार्च को लिया गया। जानकारी के मुताबिक ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ने कई दवा कंपनियों का दौरा किया था। जिसके चलते उन्होंने बड़ी कार्रवाई की। नकली दवा कंपनियों में यह काम करीब 15 दिन से चल रहा है। इस दौरान हिमाचल में 70, उत्तराखंड में 45 और मध्य प्रदेश में 23 कंपनियों पर कार्रवाई की गई। कहा गया है कि कई देशों से भारतीय दवाओं से होने वाली मौतों और बीमारियों की खबरों के बीच छापेमारी की गई है।

इन कंपनियों के खिलाफ मिल रही थी शिकायतें
गौरतलब है कि नोएडा में एक फार्मास्युटिकल फर्म के तीन कर्मचारियों को उज्बेकिस्तान में कथित तौर पर खांसी की नकली दवाई के कारण 18 बच्चों की मौत के बाद गिरफ्तार किया गया था। वह उस दवाओं में मिलावट करते थे। इन बच्चों की मौत को भारत में बने कफ सिरप से जोड़ा गया था। इस दौरान कंपनी की 22 दवाएं मिलावटी और नकली पाई गई थीं।