दिल्ली (एकता): हर व्यक्ति को कोका-कोला पीना बहुत ही पसंद होता है और भारत में यह ड्रिंक बहुत ही फेमस है। बता दें कि 50 साल बाद फिर से लोगों का पसंदीदा कैंपा कोला धमाल मचाने के लिए आ गया है। आखिरकार 70 के दशक के सबसे बड़े कोला ब्रांड कैंपा कोला की मार्केट में वापसी हुई है। मीडिया सूत्रों के अनुसार मार्केट में फिर रिलायंस ने Campa Cola के तीन फ्लेवर लॉन्च किए हैं। जो पेप्सी-कोका कोला से मुकाबला करेगा। जानकारी के मुताबिक अरबपति मुकेश अंबानी ने 50 साल पुराने रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड ने देश के एक 50 साल पुराने कोल्ड ड्रिंक ब्रैंड के रिलॉन्च की घोषणा की। शुरुआत में कैंपा के तीन फ्लेवर पीने को मिलेंगे। कैंपा कोला, कैंपा लेमन और कैंपा ऑरेंज। फिलहाल कंपनी ने इस को टैगलाइन दी है-‘द ग्रेट इंडियन टेस्ट।’ आप इसको इस नाम से भी बोल सकते हैं।

जानिए कैसे गायब हुआ था कैंपा कोला
लोगों का पसंदीदा कैंपा कोला शियर बिजनेस कॉम्पिटीशन के चलते मार्केट से गायब हो गया था। बता दें कि 1949 में आने के बाद से यह 1975 के आसपास तक भारत की सबसे मशहूर कोल्ड ड्रिंक कोका-कोला हुआ करती थी। लोग इसे काफी पसंद करते थे। हर कोई इसका शौकीन था। खास बात ये है कि Coca Cola का भारतीय कारोबार मुंबई का ‘प्योर ड्रिंक्स ग्रुप’ ही देखता था। 70 के दशक तक प्योर ड्रिंक्स ग्रुप ही भारत में कोका-कोला का अकेला डिस्ट्रीब्यूटर और बॉटलर था। अब इसे अंबानी ने खरीद लिया है। राजनीतिक घटना देश में स्वदेशी कैंपा कोला ब्रांड के आगाज की वजह बना।
जॉर्ज फर्नांडिस ने मंत्रालय हाथ में आते ही देश में मौजूद सभी विदेशी कंपनियों को नोटिस जारी कर 1973 के FERA संशोधन का पालन जरूरी कर दिया। इसमें कई कंपनियां भी राजी हो गईं, इसमें एक कोका-कोला भी थी। वहीं दूसरी तरफ प्योर ड्रिंक ग्रुप ने इस मौके का फायदा उठाया और कोका-कोला की जगह ले ली। उन्होंने Campa ब्रैंड लॉन्च कर दिया। लोग कोल्ड-ड्रिंक छोड़ दही-छाछ पर वापस आ गए। लेकिन फिर लोगों को कैंपा कोला पसंद आने लगी। कैंपा कोला ने ही सलमान खान को पहला एड ब्रेक दिया था। 90 के दशक के आखिर में नरसिंह राव की सरकार में वित्त मंत्री मनमोहन सिंह थे। उन्होंने इंडियन इकॉनमी को नियम पेश किए। कोका-कोला को दूसरा मौका मिला। उसने 20 साल बाद फिर एंट्री मारी। लेकिन तब तक कई ब्रैंड आ चुके थे।