दिल्ली (एकता): कहते हैं मंजिल उन्हीं को मिलती है, जिनके सपनों में जान होती है, पंख से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती है, इसी कहावत को सच करने जा रही है 95 साल की एथलीट दादी। मीडिया सूत्रों के अनुसार 95 साल की एथलीट भगवानी देवी डागर ने उम्र को दरकिनार कर एक साल में 95 पदक जीते हैं। बता दें कि वह दिल्ली के नजफगढ़ के निकट मलिकपुर गांव की हैं। अब भगवानी देवी पोलैंड में होने वाली मार्च में वर्ल्ड एथलीट चैंपियनशिप में हिस्सा ले रही हैं। इतना ही नहीं वह देश को पदक दिलाने के लिए दौड़ेंगी। भगवानी देवी ने 29 जून से 10 जुलाई 2022 तक फिनलैंड में हुई वर्ल्ड मास्टर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 100 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक जीता था। सोमवार को चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय पहुंचकर उसने खिलाड़ियों में जोश भरा। साथ ही कहा कि जज्बा और हौसला हो तो व्यक्ति कुछ भी कर सकता है।
दादी ने वर्ल्ड रिकाॅर्ड भी बनाया
बता दें कि भगवानी देवी ने 29 जून से 10 जुलाई 2022 तक फिनलैंड में हुई वर्ल्ड मास्टर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 100 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक जीता था। इसी चैंपियनशिप में भगवानी देवी ने शॉटपुट में कांस्य पद और डिस्कस थ्रो में भी कांस्य पदक कब्जाया था। 26 अप्रैल से 2 मई 2022 को चेन्नई में हुई 42वीं नेशनल मास्टर एथलेटिक्स प्रतियोगिता में 100 मीटर दौड़ और शॉटपुट में भी स्वर्ण पदक जीता। 17 दिसंबर 2022 को दिल्ली में हुई मास्टर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भी दादी भगवानी देवी ने 100 मीटर दौड़, शॉटपुट, डिस्कस थ्रो तीनों में स्वर्ण पदक जीते हैं। कुलपति डॉ. रणपाल सिंह ने बताया कि 95 वर्षीय भगवानी देवी छात्राओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा हैं।