दिल्ली (एकता): दिल्ली में अब ड्रोन उड़ान नहीं भर पाएगा। बता दें कि एम्स ने इस योजना को रद्द करने का फैसला किया है। मीडिया सूत्रों के अनुसार एम्स ने संजीवनी योजना के तहत मानव अंगों के परिवहन के लिए पिछले साल सितंबर में योजना बनाई थी। लेकिन अब इस योजना को उसने रद्द कर दिया है। दरअसल दिल्ली का क्षेत्र नो फ्लाई जोन होने के कारण इस योजना को मंजूरी नहीं मिल पाई, जिसके चलते यह फैसला लिया गया। वहीं दूसरी तरफ सड़क मार्ग के मुकाबले ड्रोन के जरिए मानव अंगों का परिवहन वायु मार्ग से काफी अच्छे तरीके से हो सकता है।
दिल्ली के अलावा अन्य राज्यों में ड्रोन की मदद से मेडिकल सामानों का परिवहन किया जा रहा है। बता दें कि प्रत्यारोपण ऑपरेशन के लिए मानव अंगों का ड्रोन से परिवहन किया जाता है। इसके लिए सरकारी अधिकारियों से इजाजत लेनी पड़ती है। हालांकि यह सुविधा सबसे पहले दक्षिण भारत में शुरू हुई है। बताया जा रहा है कि पिछले साल केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने चेन्नई में मानव अंगों के परिवहन के लिए भारतीय ड्रोन प्रौद्योगिकी के पहले प्रोटोटाइप का अनावरण था।