दिल्ली (एकता): गुरुद्वारा बंगला साहिब राजधानी दिल्ली के सब गुरुद्वारों में से एक हैं। यह देश के सबसे बड़े सिख तीर्थस्थलों में से एक है। वैसे तो दिल्ली में कई गुरुद्वारे हैं लेकिन इसका कुछ खास महत्व है। इसके कई रहस्य और इतिहास हैं। बता दें कि इस बंगला साहिब गुरुद्वारे में काफी दूर-दूर से लोग आते हैं और उनकी हर मनोकामना पूरी होती और रोग दूर होते हैं।

गुरुद्वारा बंगले में पानी से दूर हो जाता है हर रोग
बताया जा रहा है कि इस गुरुद्वारा में साल 1664 में गुरु हर कृष्ण जो सिखों के आंठवे गुरु थे। कहा जाता है कि उस समय कई लोग चेचक और हैजा की बीमारी से पीड़ित थे। तब आठवें सिख गुरु ने बंगले के एक कुएं से प्राथमिक इलाज और पानी से उन लोगों की मदद की, जो बीमारियों से पीड़ित थे। इसलिए ऐसा कहा भी जाता है कि इस बंगले के पानी से सभी बीमारियां दूर होती हैं। हालांकि, इसके बाद गुरु हर कृष्ण भी इस बीमारी से संक्रमित हो गए थे और इसकी वजह से उनकी मौत हो गई। तभी राजा जय सिंह ने कुएं के ऊपर एक छोटा तालाब बनवाया। जो आंठवे गुरु के नाम है। दुनिया में जगह-जगह से सिख यहां आते हैं और तालाब से पानी लेते हैं, जिसे वे ‘अमृत’ भी कहते हैं।
