दिल्ली (एकता): सतलुज यमुना लिंक विवाद को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई 15 मार्च के लिए टल गई है। मीडिया सूत्रों के अनुसार हरियाणा-पंजाब के बीच पानी के बंटवारे को लेकर चल रहे विवाद पर कोर्ट में अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमनी के सुनवाई के लिए हाजिर न होने की वजह से फैसला टला।
बता दें कि इससे पहले 6 सितंबर 2022 को कोर्ट में सुनवाई हुई थी। हरियाणा ने कोर्ट को बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों के बीच दो दौर की मीटिंग हो चुकी है लेकिन उसका कोई नतीजा नहीं निकला है। बताया जाता है कि 1966 में पंजाब से अलग होकर हरियाणा का गठन होने के साथ ही सतलुज-यमुना लिंक के विवाद का भी जन्म हो गया था। तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के समय में 1982 में नहर का सतलुज को यमुना से जोड़ने के लिए नहर का निर्माण शुरू भी हो गया था। हालांकि दोनों राज्यों के बीच विवाद के चलते यह योजना दशकों से लंबित है।