नई दिल्ली (एकता): महिलाओं को हर महीने पीरियड्स से जुड़ी तकलीफों के लिए छुट्टी देने के लिए सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई। मीडिया सूत्रों के अनुसार कोर्ट में शैलेंद्र मणी त्रिपाठी ने यह याचिका दायर की है।
उन्होंने कहा कि स्टूडेंट्स, कामकाजी महिलाओं को माहवारी के समय छुट्टी दी जानी चाहिए। कई कंपनियां पेड पीरियड लीव ऑफर करती हैं। माहवारी के वक्त महिलाओं को काफी दर्द रहता है। बता दें कि यह याचिका त्रिपाठी ने 10 जनवरी को दायर की। उनका कहना है कि गर्भावस्था के लिए तो कंपनियां छुट्टी देती हैं लेकिन मासिक धर्म के लिए क्यों नहीं। उन्होंने कहा कि सबको ऐसे नियम लागू करने चाहिए।
महिलाओं के साथ भी समान व्यवहार होना चाहिए। शैलेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि 2018 में शशि थरूर ने वूमेन्स सेक्सुअल रिप्रोडक्टिव एंड मेंस्ट्रूअल राइट्स बिल पेश किया था। उन्होंने कहा कि चीन, जापान , ताइवान, इंडोनेशिया, स्पेन और जांबिया आदि कई देशों में माहवारी के लिए छुट्टी दी जाती है।