नई दिल्ली (एकता): इस्कॉन मंदिर पूरी दुनिया में अलग-अलग जगह स्थित हैं। इनका इतिहास काफी खास है। ऐसा ही इस्कॉन मंदिर नई दिल्ली में स्थित है। कृष्ण भगवान के मंदिर को इस्कॉन मंदिर के नाम से भी जाना जाता है।

बताया जाता है कि कृष्ण भगवान ने जब भी धरती पर अवतार लिया है इस लीला में कुछ न कुछ सिख छिपी होती है। अगर आप भी इस मंदिर के इतिहास के बारे में जानना चाहते है तो पढ़िए यह रोचक बातें। दुनिया भर में सभी इस्कॉन मंदिरों का निर्माण भक्ति योग के अभ्यास को फैलाने के लिए किया गया था।

दिल्ली का इस्कॉन मंदिर का वास्तविक नाम श्री श्री राधा पार्थसारथी मंदिर है, जिसका निर्माण संगठन के तहत वर्ष 1995 में वैदिक संस्कृति का ज्ञान फैलाने के लिए किया था। इस मंदिर की वास्तुकला लोगों का ध्यान अपनी और खींचती है। लोग मंदिर में राधा-कृष्ण की कई छवियां भी देख सकते हैं।

इस्कॉन के संस्थापक प्रभुपद पुरे भारत में भगवान श्री कृष्ण के मंदिर बनवाना चाहते थे। इसीलिए दिल्ली में जो इस्कॉन का मंदिर बनाया गया उसका असली नाम श्री श्री राधा पार्थसारथी मंदिर है और इसकी स्थापना 1995 में की गई । इस मंदिर में कृष्ण भगवान के मंदिर अलावा भी तीन और मंदिर हैं और वो करीब 90 फीट ऊंचे है।
