दिल्ली (राकेश सोनी): ये तस्वीर है सुशील की जिसकी उम्र 24 साल की थी जो कि अब इस दुनिया में नहीं है। मृतक सुशील के साथ जो घटना हुई है वो कई सारे सवाल खड़े कर रही है। परिवार ने बताया है कि दिल्ली के महरौली थाने के अंतर्गत छत्तरपुर इलाके में 6 महीने पहले एक शख्स की जान चली गई। घरवालों का आरोप है कि उनके बेटे के साथ कोई बड़ी साजिश हुई है। ऐसा आरोप पीड़ित परिवार की तरफ से लगाया जा रहा है और दिल्ली पुलिस की कार्यशैली पर भी परिवार सवाल कर रहा है। 15/ 16 जून की रात को उनके बेटे के फोन से उनके घर पर फोन आता है कि आपके बेटे को चोट लगी है। आप अस्पताल आ जाओ ये सूचना मिलाने के बाद सुशील की मां अपनी बेटी के साथ पास के अस्पताल में पहुंची तो उनके बेटे की आंख के पास चोट लगी थी और उसको कुछ देर बाद उसको एम्स ट्रामा भेज दिया, लेकिन उसको वहां भर्ती नहीं किया गया। तब परिवार के लोग उसको सफदरगंज अस्पताल ले गए, जहां उनके बेटे की मौत हो गई।

बेटे की मौत के बाद परिवार ने सारी सूचना जानने की कोशिश की तो पता चला कि उनके बेटे के साथ रोड एक्सीडेंट हुआ है जिसके बाद उसको कुछ लोग अस्पताल में ले गए इसका सीसीटीवी भी सामने आया है, लेकिन अस्पताल उन लोगों के नामों को छुपा रहा है, जो लोग उसको अस्पताल में लेकर गए थे। वहीं पुलिस ने भी इसमें लापरवाही बरती है। पुलिस ने ये दिखा दिया कि मृतक सुशील को सफदरगंज अस्पताल में किसी अनजान शख्स ने भर्ती कराया था और FIR में लिख दिया कि सुशील सफदरगंज अस्पताल बदहवासी के आवास में पहुंचा था। जिस शख्स ने वहां पर नंबर लिखा था वह नंबर भी बंद जा रहा है, जबकि परिवार के लोग ही उसको छतरपुर के अस्पताल से एम्स ट्रॉमा सेंटर और वहां से सफदरजंग अस्पताल ले गए थे। अब बेटे की इंसाफ के लिए दिल्ली पुलिस को कई बार शिकायत दी गई, लेकिन उसके बावजूद भी अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हो पा रही है। अब देखना होगा कि मृतक सुशील के पिता की गुहार को दिल्ली पुलिस समझेगी और उनको इंसाफ देगी।