दिल्ली (एकता): गाजियाबाद से अगवा हुई 11 साल की मासूम बच्ची का शव मिलने से सनसनी फैल गई है। बता दें कि नंदग्राम क्षेत्र से रविवार को अगवा हुई बच्ची की हत्या कर अपहरणकर्ताओं ने बुलंदशहर के गांव नगला पूठी के जंगलों में शव को फेंक दिया था। मंगलवार को पुलिस ने शव बरामद किया। पुलिस ने बताया कि अपहरणकर्ताओं ने उसके पिता सोनू को कॉल कर 30 लाख की फिरौती मांगी थी।
जानिए क्या था मामला
हरियाणा के टोकी मनोली में मासूम बच्ची के मां-बाप रहते हैं। उनकी बेटी खुशी अपनी नानी के घर नंदग्राम के नई बस्ती मोहल्ला में रहती थी। जब रविवार दोपहर को उन्हें एक अनजान नंबर से कॉल आई तो किसी ने उनसे पूछा कि खुशी तुम्हारी बेटी है। तो उन्होंने कहा कि हां, तब वह उससे फिरौती की मांग करने लगे। जब खुशी के पिता ने उसकी नानी के घर फोन किया तो पता चला कि वह नहीं थी। जब बच्ची गायब हुई उस समय उसके नाना-नानी खेतों में गए थे। इसी बात का फायिदा उठाकर फायदा उठाकर वह उसको अगवा करके ले गए। उनकी काफी तलाश के बाद खुशी नहीं मिली तो सतीश ने मामले की नंदग्राम थाने में सूचना दी थी। खुशी के पिता मोन सिंह की 2015 में मौत हो गई थी। परिवार वालों के कहने पर उसकी मां ममता ने अपने देवर सोनू से शादी की थी।