इश्क की खूनी दास्तां: कौन थी श्रद्धा, जानिए कैसे प्रेमी बन गया जल्लाद

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दिल्ली (एकता): दिल्ली में इश्क की खूनी दास्तां ने सबको हिला कर रख दिया है। उसे इनती भयानक मौत दी की जिसने भी सुना उसकी रूह कांप गई। कुछ ऐसी ही इश्क की कहानी है श्रद्धा और आफताब की। दोनों के बीच दोस्ती से शुरू हुआ रिश्ता कब मोहब्बत में बदल गया कुछ पता ही नहीं चला। चंद दिनों में वे एक साथ जीने-मरने की कसमें खा चुके थे। इतना ही नहीं जब परिवार उन दोनों की शादी के खिलाफ हुए तो उन्होंने परिवार क्या शहर तक छोड़ दिया और लिव-इन में रहने लगे।

आरोपी आफताफ ने कबूला हत्याकांड का सच

आरोपी आफताफ ने पुलिस की निगरानी में जुर्म कबूलते हुए अपनी इश्क की जो खूनी दास्तान बयां की है। आरोपी ने 18 मई यानी 6 महीने पहले लिव इन पार्टनर श्रद्धा की आरी से काटकर हत्या कर दी थी। कैसे उसने अपनी प्रेमिका के टुकड़े-टुकड़े कर फ्रिज में रख दिए। इतना ही नहीं वह फिर रोजाना रात 2 बजे टुकड़ों को जंगल में फेंकने जाता था। आरोपी इतना शातिर था कि किसी को बदबू ना आए इसके लिए रोजाना अगरबत्ती भी जलाता था।

पहली बार कॉल सेंटर में हुई थी मुलाकात

2019 में मुंबई के एक कॉल सेंटर में श्रद्धा (26) और आफताब की पहली बार मुलाकात हुई थी। यहां से ही उनकी दोस्ती की शुरुआत हुई और दोनों एक-दूसरे को जान से भी ज्यादा प्यार करने लगे।  इतना ही नहीं उन्होंने शादी तक का फैसला कर लिया। लेकिन श्रद्धा और आफताब दोनों के ही परिवार वाले इस रिश्ते को नहीं मान रहे थे। वह मुंबई छोड़कर दिल्ली आ गए और महरौली के एक फ्लैट में लिव इन में रहने लगे।

कौन थी श्रद्धा

श्रद्धा मूल रूप से महाराष्ट्र के पालघर जिले की रहने वाली है। उसका पूरा नाम श्रद्धा वाकर है। वह मुंबई के मलाड इलाके में मौजूद एक मल्टीनेशन कम्पनी के कॉल सेंटर में काम करती थी। वारदात वाले दिन भी दोनों में झगड़ा हुआ था। झगड़े में श्रद्धा उसे बर्तन फेंक कर मार रही थी। इस तरह का इनमें रोज झगड़ा होता था। आरोपी ने 18 मई को हुई झगड़े में श्रद्धा का गला दबा कर हत्या कर दी थी।

फ्लैट में एक और लड़की आती थी महिला

पुलिस को जांच में पता लगा है कि आफताब के फ्लैट में एक और लड़की आती-जाती थी। दूसरी लड़की ने श्रद्धा की मौत के बाद आफताब के पास आना शुरू किया था। मगर आरोपी ने दूसरी लड़की को श्रृद्धा के शव के टुकड़े फ्रिज में रखे होने का पता नहीं लगने दिया था। जब उसने शव के टुकड़े ठिकाने लगा दिए तो फ्लैट बदल लिया था। पुलिस की जांच में ये बात भी सामने आई है कि आरोपी की दिल्ली में ही एक और महिला दोस्त रहती है। इस महिला दोस्त के वह लगातार संपर्क में था। ये महिला दोस्त आफताब से उस समय मिलने गई थी, जब श्रद्धा के शव के टुकड़े फ्रिज में रखे थे। आरोपी ने 25300 रुपए में फ्रिज खरीदा था। आरोपी ने जानबूझकर डिलीवरी के लिए रात का समय चुना था।

इस छोटी सी गलती से पकड़ा गया था आफताब 

पुलिस जांच में पता चला कि 26 मई को श्रद्धा के नेट बैंकिंग एप्पलीकेशन से आफताब के एकाउंट में 54 हजार रुपए ट्रांसफर हुए थे। जबकि आफताब ने बताया कि 22 मई से वो श्रद्धा के सम्पर्क में नहीं है। बस फिर क्या था यह पहली गलती थी, जिसने उसे खुद के बनाए जाल में फंसा दिया था। 31 मई को श्रद्धा के इंस्टाग्राम अकाउंट से उसके दोस्त के साथ एक चैट भी सामने आई थी। जब पुलिस ने श्रद्धा के फोन का लोकेशन निकाला तो वह दिल्ली के महरौली थाना इलाके का निकला था। 26 मई को जो मनी ट्रांजेक्शन हुआ था वहां की ही लोकेशन थी।   पुलिस के इस सवाल का जवाब आफताब नहीं दे पाया और वह सलाखों के पीछे पहुंच गया।

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