इस बार खूब बजेगी शहनाई, दिल्ली में 3 लाख शादियां, यहां जानें अपनी शादी का मुहूर्त

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दिल्ली (अनिल कुमार): त्योहारी सीजन में हुए जोरदार व्यापार से उत्साहित दिल्ली सहित देश भर के व्यापारी अब शादियों के सीजन के इंतजार में हैं। उन्हें उम्मीद है कि 14 नवम्बर से 14 दिसम्बर तक एक महीने का शादियों का पहला चरण शुरू होगा, जिसमें देश भर में लगभग 32 लाख शादियों के होने का अनुमान है और इस सीजन में लगभग 3.75 लाख करोड़ रुपए से अधिक का व्यापार होना आंका जा रहा है। यह कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ़ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री बी सी भरतिया एवं राष्ट्रीय महामंत्री श्री प्रवीन खंडेलवाल ने कहा है। उन्होंने कहा कि अकेले दिल्ली में इस सीजन में लगभग 3.50 लाख से ज्यादा शादियां होने का अनुमान है, जिससे दिल्ली में ही लगभग 75 हज़ार करोड़ रुपए के व्यापार की सम्भावना है। पिछले वर्ष इस चरण में देश भर में लगभग 25 लाख शादियां हुई थी तथा लगभग 3 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का व्यापार हुआ था। यह आंकड़ा कैट की रिसर्च शाखा कैट रिसर्च एंड ट्रेड डेवलपमेंट सोसाइटी द्वारा हाल ही में देश के कुछ शहरों में व्यापारियों एवं सर्विस प्रोवाइडर्स के बीच कराए गए एक सर्वे के द्वारा लिया गया है।

कैट की आध्यात्मिक एवं वैदिक ज्ञान कमेटी के चेयरमैन, प्रकांड वेद मर्मज्ञ एवं देश के विख्यात ज्योतिषाचार्य आचार्य श्री दुर्गेश तारे ने बताया कि तारों की गणना के अनुसार नवम्बर महीने में 20,21,24,25,27,29 एवं 30 नवम्बर तथा दिसंबर के महीने में 4,5,7,8,9, तथा 14 दिसंबर शादियां कराने के सबसे उपयुक्त दिन है। उसके पश्चात एक महीने 14 जनवरी तक तारा डूब जाता है एवं फिर दोबारा 14 जनवरी से मांगलिक कार्य प्रारम्भ हो जाते हैं। तारे ने यह भी कहा कि सनातन धर्म के अलावा आर्यसमाज, सिख बंधु, पंजाबी बिरादरी, जैन समाज सहित देश में अन्य अनेक वर्ग हैं जो मुहूर्त के बारे में विचार नहीं करते वो भी इस सीजन में और इसके अलावा इन्हीं दिनों में भी अनेक लोग शादी समारोह आयोजित करेंगे।  भरतिया एवं श्री खंडेलवाल ने कहा कि शादियों के सीजन के अच्छे व्यापार की संभावनाओं को देखते हुए देशभर के व्यापारियों ने व्यापक तैयारियां की हैं। दिवाली पर्व पर हुए रिकॉर्ड कारोबार से उपजे उत्साह को बाज़ारों में बरकरार रखने के सभी प्रबंध किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रत्येक शादी का लगभग 20 प्रतिशत खर्च वधू एवं वरपक्ष को जाता है, जबकि 80 प्रतिशत खर्च शादी को सम्पन्न कराने में काम करने वाली अन्य तीसरी एजेंसियों को जाता है। इसलिए शादियों का सीजन भी देश में एक बड़े व्यापार का रूप ले चुका है।

हर शादी में सामान की खरीदारी के अलावा अनेक प्रकार की सर्विस को भी बड़ा व्यापार मिलता हैं जिसमें टेंट डेकोरेटर, फूल की सजावट करने वाले लोग, क्राकरी, कैटरिंग सर्विस, ट्रेवल सर्विस, कैब सर्विस, स्वागत करने वाले प्रोफेशनल समूह, सब्जी विक्रेता, फोटोग्राफर, वीडियोग्राफर, बैंड-बाजा, शहनाई, आर्केस्ट्रा, डीजे, बारात के लिए घोड़े, बग्घी, लाइट वाले सहित अन्य अनेक प्रकार की सर्विस को भी बड़े पैमाने व्यापार मिलता है। विशेष रूप से पंडितों, शादी कराने वाले ज्ञानवान लोगों के लिए भी शादियों का सीजन एक बड़ी आमदनी का ज़रिया बन गया है वहीं इवेंट मैनज्मेंट एजेंसियों के लिए भी यह एक बड़े व्यापार के रूप में उभरा है। इस एक महीने के शादी के सीज़न में लगभग 6 लाख शादियों में प्रत्येक शादी में लगभग 3 लाख रुपए खर्च होंगे। वहीं लगभग 10 लाख शादियों में प्रति शादी खर्च लगभग 5 लाख प्रति शादी होगा।  10 लाख शादियां जिनमें 10 लाख प्रति शादी, 5 लाख शादियां जिनमें 25 लाख प्रति शादी, 50 हज़ार शादियाँ जिनमें लगभग 50 लाख प्रति शादी एवं 50 हजार शादियां ऐसी होंगी, जिनमें 1 करोड़ या उससे अधिक धन खर्च होगा। शादियों का दूसरा चरण 14  जनवरी मकर संक्रांति से शुरू होकर जुलाई 2023 तक चलेगा।

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