नई दिल्ली (कमल कुमार कंसल): महिलाओं के हक में सुप्रीम कोर्ट ने एक बड़ा फैसला लिया है। मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी एक्ट में बदलाव किया गया है। गुरुवार को कोर्ट ने गर्भपात के मामले में विवाहित और अविवाहित का भेद मिटाते हुए कहा कि भारत में सभी महिलाओं को सुरक्षित और कानूनी गर्भपात का अधिकार है।
कोर्ट ने फैसले में कहा कि मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी (MTP ) एक्ट से अविवाहित महिलाओं को लिव-इन रिलेशनशिप से बाहर करना असंवैधानिक है। अविवाहित महिला को भी 20 से 24 सप्ताह के गर्भ को गर्भपात करने का अधिकार।