दिल्ली (अनिल कुमार): दशहरा को बुराई पर अच्छाई की जीत कहा जाता है। रावण दहन के साथ नवरात्रि का समापन भी हो जाता है। लेकिन इस बार सरकार की ओर से किसी भी प्रकार से रावण दहन पर तो रोक नहीं लगाई गई। इसी का कारण है कि आज दिल्ली के हर कोने में रावण बनते हुए देखे जा सकते हैं। सुल्तानपुरी में भी आप रावण के पुतले देख सकते हैं। किस तरह से रावण बनाया जाता है।
एक रावण में 7 मजदूर लगते हैं और 4 दिन एक रावण बनकर तैयार होता है। खास बात ये है की इस बार किसी भी रावण में पटाखे नहीं लगाए जा रहे हैं। दिल्ली सरकार की ओर से पटाखों पर बैन लगा हुआ है। इस कारण इस बार रावण में पटाखे नहीं लगाए जाएंगे। ऐसे में दिल्ली के हर कोने में रामलीला का मंचन जगह-जगह हो रहा है, जहां जहां रामलीला का मंचन हो रहा है। उतनी जगह रावण के पुतलों का दहन होगा। इसलिए आप देख सकते हैं। रावण 5 फुट से 50 फुट तक के रावण बनाए जा रहे हैं।