नई दिल्ली: दिल्ली विधानसभा के विशेष सत्र की कार्यवाही शुरू होते ही सोमवार को भी विपक्ष ने जमकर हंगामा किया। जिसके चलते दिल्ली विधानसभा की उपाध्यक्षा राखी बिरला ने विपक्ष के सभी सदस्यों को पूरे दिन के लिए सदन की कार्यवाही से बाहर कर दिया। भाजपा विधायक बाहर आने के बाद भी आप विधायक के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। इसके बाद सदन के नेता और मुख्यमंत्री अरवविंद केजरीवाल ने मंत्री परिषद की सहमति के बाद विश्वास मत प्रस्ताव पेश किया। इस दौरान मुख्यमंत्री केजरीवाल ने कहा कि मैं विधानसभा में विश्वास मत लाना चाहता हूं।
मुख्यमंत्री ने विश्वास मत का प्रस्ताव पेश करते हुए आम आदमी पार्टी के सारे विधायकों की एकजुटता का सबूत दिया। इस दौरान विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायकों को दिल्ली विधानसभा से मार्शलों की मदद से बाहर कर दिया गया। उन्होंने बड़े उद्योगपतियों के लोन माफ करने पर सवाल उठाए और मध्यम वर्गीय लोगों पर महंगाई की मार थोपने के संगीन आरोप लगाए। केंद्र सरकार ने हर मामले में टैक्स लगा दिया है। इतना टैक्स कभी भी नहीं लगा था। केजरीवाल ने कहा कि आम आदमी पार्टी के विधायक ईमानदार हैं इसलिए एक भी विधायक नहीं बिका और भाजपा का ऑपरेशन लोटस दिल्ली में फेल हो गया।