दिल्ली: नोएडा के सुपरटेक ट्विन टावर के ध्वस्त होते ही धूल का गुबार उठेगा। इससे वायु प्रदूषण पांच गुना तक बढ़ सकता है। इसके कारण अगले 7 से 90 दिनों तक लोगों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।मेडिकल एक्सपर्ट समीर भाटी का कहना है कि टावर ध्वस्तीकरण प्रक्रिया के दौरान 10 से 15 किलोमीटर के एरिया में ध्वनि प्रदुषण एवं वायु प्रदूषण के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है लेकिन टावर ध्वस्त होते ही यह परेशानी एक दम से बढ़ जाएगी।
एमराल्ड कोर्ट सोसायटी व एटीएस विलेज सोसायटी इससे सबसे अधिक प्रभावित रहेंगी। इसके कारण सांस संबंधी बीमारियों से ग्रसित लोगों को विशेष एहतियात बरतने की जरूरत है। ध्वस्तीकरण के बाद एपेक्स व सियान टावर से ढाई लाख टन मलबा निकलने का अनुमान है। ध्वस्तीकरण से धूल का गुबार करीब डेढ़ सौ मीटर की ऊंचाई में उठने की संभावना है। इसको नियंत्रित करने के लिए आटोमैटिक वाटर स्प्रिंकलर के साथ वाटर टेंडर मौजूद रहेगा। जबकि धूल का गुबार कितनी दूरी तक जाएगा, यह हवा की रफ्तार पर निर्भर करेगा।