नई दिल्ली: मुस्लिम कानून के तहत अब 18 साल से कम उम्र होने पर भी नाबालिग लड़की माता-पिता की सहमति के बिना शादी कर सकती है। हाईकोर्ट ने कहा है कि नाबालिग लड़की मुस्लिम कानूनों के तहत “अपने माता-पिता की सहमति के बिना शादी कर सकती है” और उसे अपने पति के साथ रहने का अधिकार है, भले ही वह नाबालिग हो। यह आदेश जस्टिस जसमीत सिंह ने एक मुस्लिम पुरुष और एक मुस्लिम नाबालिग लड़की की याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया। दरअसल दोनों ने भाग कर शादी की थी।
अदालत ने कहा कि राज्य का दंपत्ति के निजी दायरे में प्रवेश करना और उन्हें अलग करना, उनके निजी दायरे के अतिक्रमण के समान होगा। अदालत ने 17 अगस्त के अपने आदेश में कहा कि यदि याचिकाकर्ता ने जानबूझकर शादी के लिए सहमति दी है। वह खुश है, तो राज्य याचिकाकर्ता के निजी दायरे में प्रवेश करने और दंपति को अलग करने वाला कोई नहीं होता है।