एकता
नई दिल्ली: रक्षाबंधन भाई-बहन के रिश्ते का प्रसिद्ध त्योहार है। रक्षा का मतलब सुरक्षा और बंधन का मतलब बाध्य है। रक्षाबंधन के दिन बहनें भगवान से अपने भाईयों की तरक्की के लिए भगवान से प्रार्थना करती है। ऐसी ही एक बहन ने रक्षाबंधन के दिन अपने भाई को ऐसा अनोखा तोहफा दिया जिसे वह जिंदगी भर नहीं भूल सकता है। बता दें कि नई दिल्ली स्थित इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल में 9 साल के भाई को बहन ने लीवर तो मां ने किडनी देकर बचाया।
मामला बांसवाड़ा जिले के गढ़ी उपखंड के साकरिया गांव का है। दरअसल साकरिया के डायालाल की दोनों ही किडनियां खराब हो गई थी। लंबे इलाज के बाद डॉक्टरों ने परिजनों को कह दिया था कि जल्द ट्रांसप्लांट नहीं हुआ तो डायालाल अब और जिंदा नहीं रहेगा। लड़का एक ऐसी दुर्लभ आनुवांशिक बीमारी से ग्रस्त था, जिसमें उसके लीवर में एंजाइम नहीं बनते थे और किडनी सहित दूसरे अंगों पर इसका बुरा असर पड़ रहा था। वह पिछले 7 साल से इस बीमारी से जूझ रहा है। यह बीमारी दुनिया भर में कुछ ही लोगों में होती है। इसका पहला लक्षण किडनी में पथरी होना है।