यूनेस्को के विश्व स्मृति एशिया-प्रशांत क्षेत्रीय रजिस्टर में तीन भारतीय साहित्यिक कृतियाँ शामिल की गई हैं।
संस्कृति मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि रजिस्टर में ‘रामचरितमानस’, ‘पंचतंत्र’ और ‘सहृदयलोक-लोकना’ को शामिल करना हमारी साझा मानवता को आकार देने वाली विविध कथाओं और कलात्मक अभिव्यक्तियों को संरक्षित करने और मनाने के महत्व को उजागर करता है।
‘सहृदयलोक-स्थान’,
‘पंचतंत्र’, और
‘रामचरितमानस’ क्रमशः आचार्य आनंदवर्धन, पं. विष्णु शर्मा और गोस्वामी तुलसीदास जैसी प्रसिद्ध हस्तियों द्वारा रचित थे।
मंत्रालय ने कहा, “ये साहित्यिक कृतियाँ समय और स्थान से परे हैं, और भारत के भीतर और बाहर पाठकों और कलाकारों पर अपनी अमिट छाप छोड़ती हैं।”
इन साहित्यिक कृतियों को रजिस्टर में शामिल करने में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (IGNCA) द्वारा निभाई गई महत्वपूर्ण भूमिका को स्वीकार करते हुए मंत्रालय ने कहा।
इन ग्रंथों को उलानबटार में आयोजित एशिया और प्रशांत क्षेत्र के लिए विश्व स्मृति समिति (MOWCAP) की 10वीं बैठक के दौरान शामिल किया गया।