दिल्ली: राजधानी दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे 204.83 मीटर दर्ज किया गया है। वहीं दूसरी ओर यमुना खादर क्षेत्र में किसानों की काफी फसलें डूब गईं। जिससे उन्हें काफी नुकसान हुआ है। उन्हें अपनी रोजी रोटी खाने तक को नहीं मिल रही।
जानकारी के मुताबिक शनिवार सुबह यमुनानगर के हथिनीकुंड बैराज से 17000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है जो सोमवार सुबह तक दिल्ली पहुंचेगा। इसके बाद यमुना का जलस्तर फिर बढ़ने की आशंका है। इसलिए उम्मीद है अब यमुना का पानी खतरे के निशान को पार नहीं करेगा। किसानों ने पांच हजार रुपए प्रति बीघे की दर पर किराए पर खेत लेकर फसलें उगाई थीं। यमुना का जलस्तर बढ़ने से करीब 37000 लोगों को मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है।
पुलिस कर्मियों के अलावा, केजरीवाल सरकार ने प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और स्थानांतरित करने के लिए सिविल डिफेंस वालंटियर (सीडीवी) को तैनात किया है।