आज-कल देखा जाए तो भारत में बढ़ती बेरोज़गारी की वजह से युवक एंव कई भारतीय विदेश जाने की योजना बनाते हैं। कई एजेंट के फ्रॉड में फस जाते हैं तो कई विदेश जा कर।
ऐसा ही एक मामला पंजाब के गुरदासपुर से सामने आया।
टूरिस्ट वीजा पर रूस गए युवकों को धोखे से सेना में शामिल कर यूक्रेन के खिलाफ युद्ध में उतार दिया गया। अब इन युवकों ने वीडियो जारी कर भारत सरकार से मदद की गुहार लगाई है। इनमें पंजाब के भी सात युवक शामिल हैं। उन्होंने दावा किया है कि उन्हें रूस में धोखे से सेना में शामिल किया गया है और अब यूक्रेन के खिलाफ जंग में उतारा जा रहा है। वीडियो में ये सभी लोग सेना की वर्दी पहने दिखाई दे रहे हैं।
सुनहरे भविष्य के लिए लगाए 11 लाख रुपए, एजेंट ने बीच रास्ते छोड़ा, यूक्रेन के खिलाफ युद्ध लड़ने के लिए मजबूर किया जा रहा है।
गुरदासपुर के सरहदी कस्बा दीनानगर के गांव अवांखां का रवनीत सिंह और गांव जांडेय के युवक विक्रम भी अपने सुनहरी भविष्य के लिए 11 लाख रुपए खर्च कर टूरिस्ट वीजे पर रशिया गए थे जब वह एक एजेंट के साथ घूमने गए तो एजेंट ने उन्हें रास्ते में छोड़ दिया ।

बेलारूस में उन्हें पुलिस ने पकड़ लिया और रूसी सैनिकों के हवाले कर दिया
सैनिकों ने उन्हें जबरदस्ती अपनी सेना में भर्ती कर लिया और अब उन्हें यूक्रेन के खिलाफ युद्ध लड़ने के लिए मजबूर किया जा रहा है।
युवक के माता पिता ने केंद्र और राज्य सरकार से की मांग
रूस में फंसे गांव अवांखां के युवक रवनीत सिंह और गांव जांडेय के युवक विक्रम के माता-पिता ने केंद्र और राज्य सरकार से मांग की है कि उनके बच्चों को भारत वापिस लाया जाए पीड़ित रवनीत सिंह की बहन नवदीप कौर और मां कुलवंत कौर ने बताया कि वह गरीब परिवार से संबंधित है और उन्होंने कर्ज लेकर अपने बेटे को विदेश भेजा था एजेंट ने वादा किया था कि हम उसे किसी अच्छे देश में काम करने के लिये भेजेंगे पर कुछ दिन पहले ही उनके लड़के का फोन आया था कि उन्हें रूस में पकड़ लिया गया और उन्हें रूसी सेना में जबरी भर्ती कर लिया गया है।
जिन युवाओं को पकड़ा गया, उन्हें यूक्रेन युद्ध के लिए भेजने की तैयारी की जा रही है इसलिए दोनों युवाओं के माता-पिता गहरे सदमे में है और उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की है कि उनके बेटों को जल्द से जल्द पता लगाया जाए और उन्हें भारत लाया जाए।
सोशल मीडिया पर वीडियो तेज़ी से VIRAL हो रही है, जिसमें युवक वर्दी पहन सरकार से गुहार लगा रहे हैं की उन्हें सुरक्षित भारत लाया जाए।