नई दिल्ली (एकता): आज के समय में KYC कराना सभी के लिए जरूरी है। बिना केवाईसी निवेश मुमकिन नहीं है, इसके बगैर बैंक खाता भी खोलना आसान नहीं होता। अगर आपने भी KYC अपडेट नहीं किया तो जल्द करवा लें, नहीं तो आपकाबैंक अकाउंट सस्पेंड हो सकता है। मीडिया सूत्रों के अनुसार भारतीय रिजर्व बैंक के मुताबिक अगर किसी Customer ने 16 सितंबर के अंदर केवाईसी अपडेट नहीं करवाई तो आपका Account Suspend कर दिया जाएगा। जिसके बाद आपकी ट्रांजेक्शन की सुविधा बंद हो जाएगी। साथ ही बैंक अकाउंट में रिफंड भी हासिल नहीं होगा। इससे Customer को खासा नुकसान झेलना पड़ता है। खास बात यह है कि केवाईसी प्रॉसेस हर कैटेगरी के लोगों के लिए अलग-अलग होते हैं। जैसे High Risk वाले कस्टमर्स को 2 साल, जोखिम वाले ग्राहकों को 8 साल में और सबसे कम वाले को 10 साल में एक बार केवाईसी कराना होता है।

जानिए केवाईसी को लेकर रिजर्व बैंक क्या बोले
बैंक ने 4 मई, 2023 को 29 मई 2019 को जारी परिपत्र को अपडेट किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि अगर कोई Customer अपना पैन या फॉर्म 16 सितंबर तक नहीं देता है तो उसका अकाउंट सस्पेंड कर दिया जाएगा। इतना ही नहीं अकाउंट को बंद करने से पहले बैंकों को कई नियम पूरे करने होते हैं। उन्हें इसकी सूचना एसएमएस और ईमेल के जरिए Customer को देनी होती है।
कैसे Reactive करें बैंक अकाउंट
केवाईसी की प्रक्रिया पूरी न होने पर आपका अकाउंट बंद हो सकता है। लेकिन आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है। आप इसे रिएक्टिव करा सकते हैं। खास बात यह है कि सभी बैंकों में अकाउंट को रिएक्टिव करने का प्रॉसेस एक तरह का ही होता है। आप अपने अकाउंट को रिएक्टिव भी कर सकते हैं।

अकाउंट रिएक्टिव करने के हैं कई तरीके
अगर आपका अकाउंट निष्क्रिय हो चुका है तो आप 3 तरीके से अकाउंट को एक्टिव करा सकते हैं। आप केवाईसी दस्तावेज और री-केवाईसी फॉर्म के साथ अपने बैंक अकाउंट ब्रांच जाकर प्रक्रिया पूरी करा सकते हैं। इस काम को करने के कई तरीके हैं। आप वीडियो कॉल के माध्यम से भी ये काम करवा सकते हैं।
केवाईसी का मतलब क्या होता है?
KYC का फुलफॉर्म Know Your Customer होता है। मतलब अपने ग्राहक को जानने का प्रपत्र। केवाईसी एक ग्राहक के बारें में जानकारी देना वाला प्रपत्र होता है।